*पराली /कृषि अपशिष्ट जलानें वालों के विरुद्ध की जायेगी कार्रवाई*

रिपोर्ट - कैलाश विश्वकर्मा

प्रयागराज

अपर जिलाधिकारी (वि/रा0) की अध्यक्षता में पराली/कृषि अपशिष्ट जलाये जाने की रोकथाम एवं इसके नियमित अनुश्रवण हेतु जनपद स्तर पर टीम का किया गया गठन
पराली/कृषि अपशिष्ट जलाने वालों के विरूद्ध नियमानुसार की जायेगी कार्रवाई
पराली जलाये जाने की घटना प्रकाश में आने पर सम्बन्धित लेखपाल भी होंगे जिम्मेदार
कृषि विभाग फसल अवशेष को जलाने की घटनाओं की रोकथाम तथा उसके दुष्परिणामों के सम्बन्ध में व्यापक प्रचार-प्रसार कराकर कृषकों को जागरूक करें
समस्त उपजिलाधिकारी अपने पर्यवेक्षण में तत्काल सचल दस्ते का गठन करते हुए प्रतिदिन की रिपोर्ट जनपद स्तरीय सेल को प्रेषित करें-जिलाधिकारी, प्रयागराज

मुख्य सचिव उ0प्र0 के शासनादेश के क्रम में जिलाधिकारी, प्रयागराज श्री भानुचंद्र गोस्वामी ने बताया है कि कि खरीफ 2019 मौसम में फसल अवशेष जलाये जाने से उत्पन्न हो रहे प्रदूषण की रोकथाम किये जाने हेतु शासन एवं जनपद स्तर पर एक सेल का गठन कर प्रत्येक दिन अनुश्रवण किये जाने के निर्देश दिये गये है। मा0 राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के अनुपालन में शासन द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में पराली/कृषि अपशिष्ट जलाये जाने की रोकथाम तथा इसके नियमित अनुश्रवण हेतु जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी (वि/रा0), प्रयागराज की अध्यक्षता में एक सेल का गठन किया गया है, जिसमें अपर पुलिस अधीक्षक(गंगापार व यमुनापार) प्रयागराज, पुलिस अधीक्षक(नगर) प्रयागराज, जिला पंचायतराज अधिकारी प्रयागराज, जिला कृषि अधिकारी प्रयागराज, जिला कृषि रक्षा अधिकारी प्रयागराज सदस्य बनाये गये है।
गठित सेल तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी के पर्यवेक्षण में गठित सचल दस्ते तथा ग्राम प्रधान एवं क्षेत्रीय लेखपाल के माध्यम से यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी दशा में जनपद के किसी भी क्षेत्र में पराली/कृषि अपशिष्ट न जलाने दिया जाय। पराली/कृषि अपशिष्ट जलाये जाने की घटना की जानकारी पाये जाने पर सम्बन्धित से क्षतिपूर्ति की वसूली तथा घटना की पुनरावृत्ति होने पर सम्बन्धित के विरूद्ध अभियोजन की कार्यवाही कर नियमानुसार कारावास या अर्थदण्ड अथवा दोनों से दण्डित किये जाने से सम्बन्धित कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। पराली जलाये जाने की घटना प्रकाश में आने पर सम्बन्धित लेखपाल जिम्मेदार होंगे। गठित सेल का दायित्व होगा कि धान कटने के समय से लेकर रबी में गेहूँ की बुआई तक प्रतिदिन फसल अवशेष को जलाने की घटनाओं एवं इसकी रोकथाम के लिए की गयी कार्यवाही की समीक्षा करते हुए प्रत्येक कार्यदिवस में रिपोर्ट उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा गठित समिति के समक्ष तथा प्रमुख सचिव पर्यावरण विभाग एवं प्रमुख सचिव कृषि उत्तर प्रदेश शासन को प्रस्तुत की जायेगी। साथ ही पूर्व में गठित तहसील स्तरीय टास्क फोर्स, जनपद स्तरीय टास्क फोर्स को निरीक्षण की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। कृषि विभाग का यह दायित्व होगा कि फसल अवशेष को जलाने की घटनाओं एवं इसकी रोकथाम तथा उसके दुष्परिणामों के सम्बन्ध में व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से कृषकों को जागरूक करने की कार्यवाही कराये। समस्त उपजिलाधिकारी अपने पर्यवेक्षण में तत्काल सचल दस्ते का गठन करते हुए यह सुनिश्चित करें कि किसी भी दशा में पराली/कृषि अपशिष्ट न जलाया जाय तथा प्रतिदिन की रिपोर्ट जनपद स्तरीय सेल को प्रेषित किया जाये। सचल दस्तों में पुलिस विभाग, राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग का एक-एक अधिकारी भी सम्मिलित किया जाय।

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