39 गांवों में टीम का निरीक्षण, कामों में पकड़ी घपलेबाजी
फतेहपुर: राज्य वित्त एवं 14 वित्त के कार्यों में शौचालय, आवास, पेंशन जैसी लाभार्थी परक योजनाओं में धांधली की सर्वाधिक शिकायतों वाली 39 गांव पंचायतों में जांच शुरू करा दी है। सोमवार को हर गांव में डीएम की गठित टीम पहुंची और विकास कार्यों सहित लाभार्थी परक कामों का स्थलीय सत्यापन किया। जांच अफसरों ने फिलहाल जांच रिपोर्ट तो नहीं सौंपी, लेकिन बड़े पैमाने में घपलेबाजी होने की बात स्वीकारी।
जिले भर में 840 ग्राम पंचायतें हैं, कमोवेश हर ग्राम पंचायत की शिकायत डीएम व सीडीओ तक पहुंचती है। लेकिन पांच माह में सर्वाधिक शिकायत 39 गांवों की पहुंची है। इन गांवों में आवास के लाभार्थी चयन, नाली-खड़ंजा व हैंडपंप के कार्यों में फर्जी बिल लगाकर भुगतान लेने की शिकायतें आम है। एक ग्राम पंचायत में कागज में ही चार से पांच हैंडपंप री-बोर किए जाने की चर्चा तेज है। डीएम संजीव सिंह ने कहा कि हमारी टीमें गांवों के तीन वर्षों के कार्यों की जांच कर रही है। जिसमें हम सभी बिदुओं की पड़ताल करा रहे हैं। प्रत्येक गांव की जांच के लिए तीन अफसरों टीम लगाई गयी है, इन अफसरों की जांच आख्या आने के बाद दोषी प्रधानों के बस्ते जमा कराए जाएंगे और सचिव का दोष सिद्ध होने पर सीधे निलंबित किया जाएगा। जहां भी वित्तीय गबन हुआ है वहां रिकवरी जारी की जाएगी और प्रधान व सचिव से आधी-आधी धनराशि वसूली जाएगी। सभी जांच टीमें एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट उन्हें सौंपेगी। डीडीओ ने असोथर ब्लाक का किया निरीक्षण पंचायतों की जांच के साथ ही ब्लाकों के काम-काज पर भी डीएम व सीडीओ ने शिकंजा कस दिया है। सोमवार को डीएम के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी रमेश चंद्रा ने असोथर ब्लाक के कामों का निरीक्षण किया। यहां पर मनरेगा व शौचालय निर्माण की प्रगति धीमी पाये जाने पर बीडीओ प्रवीण आनंद को कड़ी फटकार लगाई।
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