सबमर्सिबल के पानी से धो रहे गाड़ियां और सड़क तो कहीं पानी की किल्लत से लोग परेशान

फ़तेहपुर। विश्व पर्यावरण दिवस, जल दिवस, पृथ्वी दिवस जैसे कार्यक्रम के माध्यम से जीवनदायिनी जल को बचाने का संकल्प लेने वाले लोगों पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। नगर में आज भी लोग सबमर्सिबल से पानी बहाते हुए दिख जाते हैं। इतना ही नहीं वाहनों से लेकर सड़क तक की सफाई करते हैं। अगर यह कहा जाए कि रोजाना हजारों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है तो यह गलत नहीं हैं। यह आलम तब है जब पूरा जिला भीषण जल संकट से जूझ रहा है। जिले के कई गांव और कस्बे ऐसे हैं जहां लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। दिन निकलने के साथ ही टैंकर व हैंडपंप पर एक अदद बाल्टी पानी के लिए लोग घंटों लाइन लगाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। वहीं दूसरी ओर ऐसे भी लोग हैं, जो हजारों लीटर पानी को जमीन से निकालकर कार, फर्श व सड़कों को धो रहे हैं। इस तरह के नजारे आम होने के बावजूद भी कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। पानी का स्तर गिरने से ट्यूबबैल व हैंडपंपों से पानी निकलना बंद हो गया है। अगर कुछ हैंडपंपों से पानी निकल भी रहा है तो वह पीने योग्य नहीं हैं। अब हम बात करें इस भीषण जल संकट के बीच पानी के दोहन की। लोगों ने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यवसायिक व घरेलू स्तर पर सबमर्सिबल लगा रखे हैं। इसमें होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मैरिज होम, धुलाई सेंटर और आरओ प्लांट शामिल हैं। ये लोग रोजाना लाखों लीटर पानी जमीन से निकालकर वाहनों व सड़क की सफाई में बर्बाद कर रहे हैं। वहीं पालिका प्रशासन की अनदेखी के कारण भी पानी की बर्बादी हो रही है। पाइप लाइन से लीकेज होने और टोटियां खुली रहने के कारण पानी की बर्बादी हो रही है। खुद नगरपालिका कर्मी नियमित 15 से 20 फीसदी पानी की बर्बादी होने की बात स्वीकार करते हैं। हैरानी की बात यह है कि लगातार जलशोषण होने के बाद पालिका प्रशासन इसको रोकने के लिए संजीदा नहीं हैं। नगर में कितने सबमर्सिबल हैं, पालिका प्रशासन के पास इसका भी आंकड़ा नहीं हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार पालिका प्रशासन ने यह आंकड़े जानने के लिए कोई सर्वे भी नहीं कराया है। 
शहर के कई वार्डों में गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी की भारी समस्या उत्पन्न हो गई है। पानी की किल्लत के चलते लोगों को दूर दराज से पानी लाकर या फिर सबमर्सिबल का खारा पानी पीना पड़ रहा है। संबंधित विभाग के अधिकारियों से परेशान लोगों द्वारा रोजाना शिकायतें की जा रही है। लेकिन लोगों की समस्या पर तनिक भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं विभागीय अधिकारियों का दावा है कि पानी की समस्या को दूर करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उधर पानी की सबसे ज्यादा समस्या इस समय राधा नगर सबिता नगर मे बूंद बूंद पानी की परेशानी को लोग झेल रहे है।
बता दें की नगरपालिका क्षेत्र राधानगर के सविता नगर का यह इलाका जहाँ बीते 25 दिनों से नल से पानी निकलना बंद हो गया है बड़ी मुश्किल से पानी निकलता है सविता नगर में तो पानी को लेकर हहाकार मचा हुआ है। लोगों की माने तो इनका कहना है कि हम लोग गांव छोड़कर शहर मे आये तो यहाँ भी कोई हमारी परेशानी सुनने देखने वाला नही है। आज एक महीने से भी ज्यादा का समय हो गया है लेकिन आज तक नगरपालिका या जलकल विभाग भी इधर अपनी नजर नही डाल सका है। इनकी खाली बाल्टियों मे पानी कब आयेगा ये रब ही जाने। महिलाएं छोटे छोटे बच्चे आखिर कब तक कहाँ कहाँ से पानी ढूंढ ढूंढ कर लायेंगे । आज सबिता नगर निवासी पानी की बूंद बूंद को तरस रहे है। लोग गन्दे पानी को पीने व नहाने के लिए मजबूर हो रहे है। जिससे संक्रमित बीमारी होने का लगातार खतरा है।


रिपोर्टर श्रवणकुमार तिवारी फतेहपुर।

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