जौहर यूनिवर्सिटी है आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट, जिसकी वजह से वो 'भूमाफिया' तक बन गए
मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए आजम खान पर गलत तरीके से कई हेक्टेयर जमीन कब्जाने का आरोप लगा है. इतना ही नहीं जिला प्रशासन द्वारा उन्हें भूमाफिया तक घोषित किया जा चुका है.
अपने कटाक्ष और बेबाकी की वजह से यूपी की राजनीति में अलग पहचान रखने वाले सपा के कद्दावर नेता और रामपुर से सांसद आजम खान इन दिनों जमीन कब्जाने को लेकर चर्चा में हैं. अपने जिस ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए आजम खान ने राज्यपाल तक से मोर्चा लिया अब वही उनके गले की फांस बन गया है. जी हां, हम बात कर रहे हैं रामपुर की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की. जिसके लिए आजम खान पर गलत तरीके से कई हेक्टेयर जमीन कब्जाने का आरोप लगा है. इतना ही नहीं जिला प्रशासन द्वारा उन्हें भूमाफिया तक घोषित किया जा चुका है. पिछले 14 दिनों में आजम के खिलाफ 27 मुक़दमे भी पंजीकृत हो चुका है.
ये है जौहर यूनिवर्सिटी का इतिहासदरअसल मुलायम सरकार के दौरान 2006 में आजम के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की स्थापना हुई. जौहर यूनिवर्सिटी एक निजी विश्वविद्यालय है और इसे अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त है. हालांकि 2007 में सूबे की सरकार बदलते ही इस यूनिवर्सिटी की निर्माण प्रक्रिया धीमी पड़ गई. 2007 में मायावती सरकार बनी थी तो यूनिवर्सिटी की चारदीवारी पर बुलडोजर चला दिए गए थे. आरोप था कि आजम खां ने चकरोड पर कब्जा कर लिया है. हालांकि 2012 में सपा सरकार आई तो टूटी हुई चारदीवारी फिर बना ली गई. 18 सितंबर 2012 को इस यूनिवर्सिटी का उद्घाटन हुआ. 2013 में तत्कालीन राज्यपाल अजीज कुरैशी ने अल्पसंख्या दर्जा दिए जाने पर मुहर लगा दी. आजम खान इस यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं.
ये है जौहर यूनिवर्सिटी का इतिहासदरअसल मुलायम सरकार के दौरान 2006 में आजम के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की स्थापना हुई. जौहर यूनिवर्सिटी एक निजी विश्वविद्यालय है और इसे अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त है. हालांकि 2007 में सूबे की सरकार बदलते ही इस यूनिवर्सिटी की निर्माण प्रक्रिया धीमी पड़ गई. 2007 में मायावती सरकार बनी थी तो यूनिवर्सिटी की चारदीवारी पर बुलडोजर चला दिए गए थे. आरोप था कि आजम खां ने चकरोड पर कब्जा कर लिया है. हालांकि 2012 में सपा सरकार आई तो टूटी हुई चारदीवारी फिर बना ली गई. 18 सितंबर 2012 को इस यूनिवर्सिटी का उद्घाटन हुआ. 2013 में तत्कालीन राज्यपाल अजीज कुरैशी ने अल्पसंख्या दर्जा दिए जाने पर मुहर लगा दी. आजम खान इस यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं.
ये हैं आरोपआरोप है कि जौहर ट्रस्ट के अंतर्गत बनी इस यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए जमीन के अधिग्रहण में घोर धांधली हुई. आजम खान और सपा सरकार के प्रभाव में अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए गलत तरीके से कई हेक्टेयर जमीन जौहर ट्रस्ट के नाम कर दी. लेकिन अब सूबे की सियासी फिजा बदलते ही आजम की मुश्किलें बढ़ गई हैं. सूबे की योगी सरकार ने मामले में एसआईटी जांच बैठा दी है. उधर जिला प्रशासन द्वारा की गई जांच में यह बात सामने आई है कि यूनिवर्सिटी की 39 हेक्टेयर जमीन सरकारी है. बची 38 हेक्टेयर जमीन जो किसानों से खरीदी गई है, वह भी सरकार में निहित होने योग्य है.
दलितों की जमीन को भी कब्जाने का आरोपआजम खान के ऊपर यह भी आरोप है कि दलितों की जमीन की भी गलत तरीके से औने-पौने दाम पर जौहर ट्रस्ट के नाम रजिस्ट्री करा दी गई. रिपोर्ट के मुताबिक कुछ दलित किसानों ने जमीन दूसरे दलित किसानों को बेची और उसके कुछ घंटे बाद ही उसकी रजिस्ट्री तीसरे पक्ष को कर दी गई. इतना ही नहीं जमीन के सर्किल रेट भी कई बार घटाए गए. इतना ही नहीं कुछ जमीन को नदी का बहाव क्षेत्र बताकर सर्किल रेट घटा दिया गया.
वक्फ मंत्री रहे गलत तरीके से अल्पसंख्यकों की जमीन हड़पने का भी आरोपकांग्रेस के नेता फैसल लाला ने सोमवार को राज्यपाल राम नाईक से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन में उन्होंने आजम खान पर गंभीर आरोप लगाया. ज्ञापन में कहा गया था कि रामपुर से सांसद आजम खान ने ग्राम आलिया गंज के 26 गरीब किसानों की जमीन पर नाजायज कब्जा करके जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर मिला लिया है. जिस पर उन किसानों की ओर से रामपुर के थाना अजीम नगर में आजम खान के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कराए गए हैं. इतनी बड़ी तादाद में किसानों की जमीन पर कब्जा किए जाने पर जिला प्रशासन ने आजम खान को भूमाफिया घोषित करते हुए उनका नाम एंटी भू माफिया पोर्टल पर अपलोड किया है. लेकिन इसके बावजूद आजम खान ने जमीन पर कब्ज़ा नहीं छोड़ा है.
वक्फ मंत्री रहे गलत तरीके से अल्पसंख्यकों की जमीन हड़पने का भी आरोपकांग्रेस के नेता फैसल लाला ने सोमवार को राज्यपाल राम नाईक से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन में उन्होंने आजम खान पर गंभीर आरोप लगाया. ज्ञापन में कहा गया था कि रामपुर से सांसद आजम खान ने ग्राम आलिया गंज के 26 गरीब किसानों की जमीन पर नाजायज कब्जा करके जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर मिला लिया है. जिस पर उन किसानों की ओर से रामपुर के थाना अजीम नगर में आजम खान के विरुद्ध मुकदमे दर्ज कराए गए हैं. इतनी बड़ी तादाद में किसानों की जमीन पर कब्जा किए जाने पर जिला प्रशासन ने आजम खान को भूमाफिया घोषित करते हुए उनका नाम एंटी भू माफिया पोर्टल पर अपलोड किया है. लेकिन इसके बावजूद आजम खान ने जमीन पर कब्ज़ा नहीं छोड़ा है.
जौहर यूनिवर्सिटी का सरकारी अधिग्रहण होफैसल लाला ने राज्यपाल से मिलकर अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त जौहर यूनिवर्सिटी का सरकारी अधिग्रहण करने की गुहार लगाई. उनके इस ज्ञापन को राज्यपाल राम नाईक ने आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को भी प्रेषित किया गया है. फैसल लाला का आरोप है कि इस यूनिवर्सिटी में सरकारी धन का उपयोग हुआ है लिहाजा इसका सरकारी अधिग्रहण होना चाहिए.

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