नीति आयोग के सर्वे में चेंज आफ चैंपियन बना फतेहपुर

फतेहपुर। पिछड़े जनपदों की सूची में शुमार फतेहपुर जनपद ने विकास मामले में औसत से तेज गति से विकास किया है। इसकी प्रमाणिकता नीति आयोग की तरफ से की गई है। नीति आयोग ने पिछड़े जनपदों में चल रहे विकास कार्यों के जून माह के सर्वेक्षण के बाद जो रिपोर्ट जारी की है, उसके मुताबिक फतेहपुर ने सबसे तेजी से विकास करने वाले पिछड़े जिलों में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी-सीईओ अमिताभ कांत ने जिले को पांच करोड़ रुपये की सौगात देने की घोषणा की है। इस फंड का उपयोग जिलाधिकारी अपने विवेक से जनपद के विकास में कहीं भी कर सकेंगे।

नीति आयोग ने देश के 117 जिलों को पिछड़ा घोषित किया हुआ है। जिसमें से फतेहपुर समेत उत्तर प्रदेश के आठ जिले शामिल हैं। देश के अन्य जिलों की श्रेणी में इन पिछड़े हुए जिलों को आगे लाने के लिए नीति आयोग के निर्देश पर स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे पर विशेष रूप से जनपद में काम किया जा रहा है। 31 मार्च 2018 से आयोग अपने चैंपियंस आफ चेंज पोर्टल पर इन छह सूत्री कार्यक्रमों की प्रतिमाह मॉनीटरिंग कर रहा है। जिले के प्रशासन और विकास महकमे को हर माह अपनी प्रगति रिपोर्ट नीति आयोग के पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। सारे जिलों की रिपोर्ट के आधार पर आयोग रैंक तैयार करता है। इसी रैकिंग व्यवस्था में जनपद ने 117 जिलों के सर्वे में दूसरे स्थान पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। 

नीति आयोग की स्कोरिंग में जनपद ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में 67.1 अंक, शिक्षा क्षेत्र में 58.8 अंक, कृषि में 10.6, वित्तीय प्रबंधन और कौशल विकास में 30.5 और बुनियादी सुविधाओं के मामले में सर्वाधिक 96.7 अंक प्राप्त किए हैं। इस रैंकिंग व्यवस्था को डेल्टा रैकिंग नाम दिया गया है। इन अंकों के आधार पर जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में देश में तीसरा, शिक्षा क्षेत्र में 66वां, कृषि में 14 वां, वित्तीय प्रबंधन और कौशल विकास में 17 वां और बुनियादी सेवाओं के मामले में 62 वां स्थान प्राप्त किया है। इस पूरी डेल्टा रैकिंग के आधार पर फतेहपुर को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। हालांकि विकास के इस क्रम में छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जनपद ने प्रथम स्थान स्थान प्राप्त किया है। 
नीति आयोग के सर्वे में देश में दूसरा स्थान करने से पहले जनपद ने देश के फास्ट मूवर्स की सूची में आने का भी कीर्तिमान हासिल किया है। जून से अक्तूबर 2018 के छह माह के सर्वे में फतेहपुर ने 82 वें से शीर्ष के 25 वें स्थान तक छलांग लगाई है। इस सूची में जम्मू कश्मीर का कुपवारा जिले पहले, झारखंड का रांची दूसरे, उत्तर प्रदेश का सिद्वार्थनगर तीसरे, बिहार का जमुई चौथे और फतेहपुर पांचवे नंबर का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ जिला घोषित हुआ है। 

नीति आयोग के सर्वेक्षण में टॉप टू जिलों को नीति आयोग पुरस्कार के रूप में अच्छी खासी रकम देता है। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने सर्वे में पहले पायदान पर आने वाले छत्तीसगढ़ के कोडागांव जिले को दस करोड़ रुपये और दूसरे नंबर पर आने वाले फतेहपुर जनपद को पांच करोड़ रुपये का बजट दिए जाने की घोषणा की है। इस बजट को खर्च करने की कोई बाध्यता नहीं होगी। सबकुछ जिलाधिकारी के विवेक पर निर्भर होगा।

थर्ड पार्टी वैरीफिकेशन से होती है पुष्टि
फतेहपुर। नीति आयोग विकास करने का तमगा यूं ही नहीं देता। आयोग सर्वे में जिलों से आने वाली प्रगति रिपोर्ट पर ही यकीन नहीं करता। इसके लिए थर्ड पार्टी वेरीफिकेशन कराया जाता है। इसके लिए देश और दुनिया की जानीमानी टाटा कंपनी को काम दिया गया है। कंपनी के लोग जिलों से आने वाली विकास रिपोर्ट की जमीनी स्तर पर पड़ताल करने आते हैं। जब पोर्टल पर आई रिपोर्ट और उसकी जमीनी हकीकत की पुष्टि हो जाती है। तभी यह तमगा दिया जाता है। 

बयान-
हमने हर सेक्टर में औसत विकास किया है। इस रैकिंग से साबित होता है कि हमारे प्रयास सही दिशा में किए गए हैं। नीति आयोग की मंशा अनुसार काम किया जा रहा है। इससे जनपद की बुनियाद मजबूत हो रही है। रैकिंग के मानकों से संबंधित योजनाओ में विभागीय अधिकारियों ने भी अच्छा काम किया है। सभी बधाई के पात्र हैं।
- चांदनी सिंह, मुख्य विकास अधिकारी 
जनपद को पांच करोड़ रुपये मिलने हैं। इससे जिले की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य आवश्यक एवं मूलभूत सुविधाओं के लिए व्यय किए जाने पर विचार चल रहा है। बजट मिलने के बाद ही रूपरेखा तय होगी। जिले ने अच्छा विकास किया है और अब हमारी प्राथमिकता इसे दूसरे से पहले पायदान पर ले जाने की है। 
- संजीव सिंह, जिलाधिकारी

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