ग्रामीणों ने छुट्टा मवेशियों को शहर में छोड़ा

फतेहपुर। छुट्टा मवेशियों से परेशान कुसुंभी गांव के ग्रामीणों ने रविवार दोपहर उन्हें इकट्ठा कर जिला मुख्यालय में लाकर छोड़ दिया। राधा नगर पुलिस चौकी के पास करीब ढाई, तीन सौ मवेशियों का झुंड आते ही लोगों में अफरातफरी मच गई। शहर सीमा में इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों के घुस आने की सूचना से कोतवाली पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस फोर्स ने मवेशियों को शहर से खदेड़ दिया। इस दौरान करीब आधा घंटा तक हरिहरगंज से राधा नगर मार्ग बंद रहा।

छुट्टा जानवरों की समस्या से निपटने के लिए सरकार से गांव तक गोशालाएं जरूर बनवाई जा रही हैं, इनमें कुछ बन चुकी हैं, कुछ निर्माणाधीन हैं। लेकिन, जमीनी हकीकत कुछ और ही है। लोगों को छुट्टा मवेशियों से राहत नहीं मिल रही है। किसानों के खेत में खड़ी फसल को पलक झपकते ही मवेशी नष्ट कर देते हैं। हसवा ब्लाक के कुसुंभी गांव में तीन सैकड़ा से अधिक छुट्टा मवेशी धमाचौकड़ी मचाते रहते हैं। किसानों ने बताया कि फसलों की रखवाली करने के लिए चौबीस घंटे खेतों में रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद फसलों को नहीं बचा पा रहे हैं। 
रविवार को गांव के लोगों ने एकजुट होकर मवेशियों को इकट्ठा किया। गांव से करीब पंद्रह किमी. दूर जिला मुख्यालय मवेशियों को हांक कर ले आए। शहर सीमा पर दोपहर करीब साढ़े बारह बजे राधा नगर मोहल्ले में मवेशियों का झुंड आते ही लोगों में अफरातफरी मच गई। कुछ ग्रामीण इन मवेशियों को जिला मुख्यालय के डीएम आवास ले जाने की बात कह रहे थे। शहर में मवेशियों का झुंड घुस आने की सूचना पाकर शहर कोतवाल सत्येंद्र सिंह फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस कर्मियों ने मवेशियों के झुंड को तितर-बितर कर जैसे-तैसे शहर से बाहर निकाला। हालांकि इस दौरान तकरीबन आधा घंटे तक राधानगर बसअड्डा रोड पर आवागमन बंद रहा। पुलिस के पहुंचने पर मवेशियों के झुुंड को लेकर आ रहे ग्रामीणों ने सदर विधायक विक्रम सिंह का पत्र भी दिखाया। पत्र में मवेशियों को रारा गोशाला लेकर जाने और इन्हें न रोकने का उल्लेख था। शहर कोतवाल ने बताया कि ग्रामीण इन जानवरों को किसी वाहन में न लाकर पैदल ही ले आए थे। जिस कारण शहर सीमा में घुसते ही अफरातफरी मच गई और उन्हें वापस खदेड़ दिया गया।
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इनसेट:: 
डीएम, बीडीओ से ग्रामीण कर चुके हैं शिकायत 
ग्राम प्रधान चुनबुदन, ग्रामीण चंद्रभान सिंह, चुनकी शुक्ला, माखन सिंह और शशी रैदास ने बताया कि छुट्टा मवेशियों की समस्या से तत्कालीन डीएम आंजनेय सिंह, मौजूदा डीएम व बीडीओ से बताया था। शिकायती पत्र देकर छुट्टा मवेशियों को पकड़ कर गोशाला में बंद कराने की फरियाद की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव के आसपास कोई गोशाला भी नहीं है, जिसमें मवेशियों को ले जाकर बंद किया जा सके। कुछ दिन पहले पिकप में लाद कर रारा गोशाला ले गए थे, लेकिन मवेशियों को गोशाला में लेने से मना कर दिया। छुट्टा मवेशियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। 
गांव से 15 किमी से अधिक दूरी पर हैं गोशाला
फतेहपुर। हसवा ब्लाक के कुसुंभी गांव से 15 किमी से अधिक दूरी में गोशाला हैं। तेलियानी ब्लाक के रारा में बना गोशाला गांव से करीब 15 किमी की दूरी पर है। दूसरा गोशाला असोथर ब्लाक के देवलान में बना है। इसकी कुसुंभी से करीब 25 किमी दूरी है। ऐसे में ग्रामीणों को छुट्टा मवेशियों को गोशाला ले जाना टेढ़ीखीर साबित हो रहा है। रास्ते में पडने वाले थानों की पुलिस ग्रामीणों को परेशान करती है। पुलिस के डर से लोग मवेशियों को गोशाला पहुंचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। 
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बयान:: 
एसडीएम राहुल कश्यप विश्वकर्मा ने बताया कि छुट्टा मवेशियों को जो ग्रामीण लेकर आ रहे थे, झुंड में कुछ मवेशी पालकों ने अपने जानवारों को मिला दिए हैं। इसकी राजस्व टीम से जांच कराई जाएगी। जो मवेशी वाकई में छुट्टा हैं, उनके लिए गोशाला हैं। जहां पर ऐसे मवेशी हैं, वहां के लोग अपने ब्लाक में जाकर गो-रक्षा टीम से मिलें और छुट्टा मवेशियों को व्यवस्थित किया जाएगा।

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