कृषि प्रोत्साहन में तीन साल में खर्च होंगे 73 करोड़

फतेहपुर। अब हर ब्लाक में एक पशु एंबुलेंस और प्रत्येक केला क्षेत्र में केला पकाने के लिए राइपनिग चेंबर की स्थापना कर किसानों को सुविधाओं की सौगात दी जाएगी। गुरुवार को कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में खेती-किसानी के प्रोत्साहन के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास नीति तय की गयी। राष्ट्रीय उत्पादक परिषद दिल्ली के उप निदेशक डा. आरके सिंह ने जिले में अलग-अलग छह विभागों की कार्य योजना रखते हुए 2022 तक इसे पूरा करने का दम भरा। योजना के तहत कृषि विकास के लिए आने वाले तीन सालों में 73.23 करोड़ की धनराशि खर्च कर सुविधाएं जुटाई जाएंगी।
तैयार कार्य योजना में सोलर पंप, नाडेप, वर्मी कंपोस्ट पिट, लीफ कलर चार्ट, राइपिनिग चेंबर, डिहाइड्रेशन चेंबर, टिशू कल्चर लैब, शहर प्रोसेसिग सेंटर, पशु एंबुलेंस, मध्यम व गहरी बोरिग के लिए जोर दिया गया है। बता दें कि राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद यूपी के 40 जिलों में 13 वीं पंचवर्षीय कृषि विकास कार्य योजना तैयार कर रही है, जिस अनुबंध के तहत उक्त संस्थान ने जिले की भी कार्य योजना तैयार की है। बैठक दौरान धान व गेहूं के बीजों पर अनुदान, हाइब्रिड धान के बीज पर अनुदान, जिक व सल्फेट वितरण का लक्ष्य बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। बैठक दौरान डीएम संजीव सिंह ने कहा कि तैयार कार्य योजना में कुछ और चीजें जोड़ी जाए, इसके लिए प्रगतिशील किसानों के साथ चर्चा कर उन जरूरतों को भी इस कार्य योजना में शामिल किया जाए जो इस जिले के किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो। बैठक दौरान सीडीओ चांदनी सिंह, उप निदेशक कृषि प्रसार एके पाठक, कृषि अधिकारी ब्रजेश सिंह, उद्यान अधिकारी राम सिंह, लीड बैंक मैनेजर एसके तोमर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इनसेट...
किस विभाग के लिए कितनी धनराशि
विभाग धनराशि
कृषि 4160.11 लाख
उद्यान 852.28 लाख
पशुपालन 734.57 लाख
लघु सिचाई 1335.20 लाख
मत्स्य 189.77 लाख
रेशम कीट 51.50 लाख
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