बेहटा में पटरी पर लौट रही दिनचर्या

फतेहपुर। बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के बेहटा गांव में गोकशी के बाद हुई बवाल के बाद स्थिति सामान्य होने लगी है। ताला बंद कर पलायन करने वाले लोग घरों को लौटने लगे हैं। स्कूल में पठन पाठन का काम नियमित होने लगी है। हालांकि अभी तक पुलिस पीएसी खासा सतर्क है। गांव पुलिस छावनी बना है। खास बात तो यह है 60 बवालियों में पुलिस अभी तक एक को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

जोनिहां चौराहे से तीन किमी अंदर करीब दो हजार की आबादी के गांव बेहटा में गांव के बाहर तक पक्की सड़क है। गांव के मध्य सड़क में कीचड़ और पानी है। गांव में 40 प्रतिशत आबादी मुसलिम और 60 प्रतिशत हिंदुओं की आबादी है। छह दिन पहले गोमांस बरामद होने पर अक्रोषित भीड़ ने मदरसे के साथ मस्जिद में तोड़फोड़ के साथ आगजनी भी की थी। दहशत के कारण एक पक्ष के लोग घरों में ताला बंद कर गांव के पलायन कर गए थे। सुरक्षा के लिए गांव में पुलिस पीएसी तैनात की गई थी, जो अभी तक तैनात है। खास बात तो यह है कि पुलिस गोकशी के 
तीनों नामजद आरोपियों को तो गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन बवाल करने वाले दूसरे पक्ष के 60 बवालियों में से एक की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। उधर, पुलिस गणमान्य लोगों के साथ बैठकें कर स्थिति सामान्य करने का बराबर प्रयास कर रही है। अब प्रशासन का प्रयास रंग लाने लगा है। अब तक 60 प्रतिशत लोग घर वापस आ चुके हैं। सुबह से ही लोग खेती किसानी के लिए निकल जाते हैं। सुरक्षा को देखते हुए गांव में 24 घंटे पुलिस और पीएसी के जवान गश्त करते हैं। सीओ अभिषेक तिवारी ने बताया कि गांव की स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो चुकी है। ज्यादातर लोग अपने घरों को लौट आए हैं। प्रशासन स्थितियों पर बारीकी से नजर रखे हुए है। आपसी भाई चारा दोनों वर्गों में पहले की तरह कायम हो रहा है।

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