आजम की टिप्पणी से साबित हुआ इस्लाम में नहीं है औरतों की कोई इज्जत: संत परमहंस

तपस्वी छावनी के संत परमहंस दास ने आगे बोलते हुए कहा कि आजम खान के बयान से साफ दीखता है कि इस्लाम में औरतों की कोई इज्जत नहीं है.

लोकसभा में महिला स्पीकर रमा देवी को लेकर सपा सांसद आजम खान की टिप्पणी पर अयोध्या के संत परमहंस दास ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि आजम खान की टिप्पणी निंदनीय है और उन्हें फांसी की सजा होनी चाहिए.

तपस्वी छावनी के संत परमहंस दास ने आगे बोलते हुए कहा कि आजम खान के बयान से साफ दीखता है कि इस्लाम में औरतों की कोई इज्जत नहीं है. हलाला और ट्रिपल तलाक जैसी कुरीतियां हैं. उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं के लिए इस्लाम में सम्मान नहीं है तो भारत में इस्लाम के लिए भी कोई जगह नहीं होनी चाहिए. संत परमहंस दास ने कहा कि आजम ख़ान, असदुद्दीन ओवेसी व एजाज खान जैसे लोग समाज को बांटने का काम कर रहे हैं. जब देश के संसद में महिलाओं का अपमान हो रहा है तो शहरों और गांव की गलियों में महिलाओं की सुरक्षा कैसे हो सकती है. उन्होंने कहा कि नारी को हमारे देश में देवी का स्वरूप माना गया है. सदन में अगर नारी का अपमान होगा तो नारी कहां सुरक्षित है? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से है आग्रह कि तुरंत इस पर कार्रवाई करते हुए आजम खान को चौराहे पर फांसी दी जाए.

इकबाल अंसारी ने भी बताया गलत
उधर संसद में आजम खान की इस टिप्पणी के विरोध में बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी आ गए. इकबाल अंसारी ने कहा कि आज हमारे देश की संसद और विधानसभा सभी जगह महिला सांसद और विधायक हैं. आजम खान को ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. आजम खान सांसद हैं. उनको चाहिए कि संसद में रोजगार और विकास की बातें करें. इस तरीके की टिप्पणी न करें. इस्लाम में औरतों पर टिप्पणी करना सख्त मना है. अल्लाह का हुक्म है कि जिस घर में लड़की पैदा होगी उस घर में मिलेगा जन्नत का शबाब.


(रिपोर्ट: निमिष गोस्वामी/केबी शुक्ला)

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