अगर आप इन शर्तों को पूरा करते हैं तभी माने जाएंगे किसान, मिलेंगे ये लाभ

सरकार ने संसद में बताई किसान होने की परिभाषा, अगर आप इस पैरामीटर पर फिट हैं तो ले सकते हैं इन योजनाओं का लाभ

मोदी सरकार ने खेती-किसानी का बजट 140 प्रतिशत बढ़ा दिया है. किसानों पर ही फोकस है. खेती से जुड़ी योजनाओं का लाभ पाने के लिए कुछ लोग फर्जी किसान बन जा रहे हैं. ऐसे में चतरा के सांसद सुनील कुमार सिंह ने संसद में केंद्रीय कृषि मंत्री से लिखित में जवाब मांगा कि सरकार ने किसी व्यक्ति को किसान घोषित करने के लिए क्या मानदंड तय किए हैं? केंद्र सरकार के जवाब से खुद अंदाजा लगाईए कि आप किसान हैं या नहीं? इस पैरामीटर पर खरे उतरेंगे तभी आपको खेती-किसानी से जुड़ी योजनाओं का लाभ मिलेगा.

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि राष्ट्रीय किसान नीति-2007 के अनुसार 'किसान' शब्द का मतलब उगाई गई फसलों की आर्थिक या आजीविका क्रियाकलाप में सक्रिय रूप से शामिल व्यक्ति तथा अन्य प्राथमिक कृषि उत्पादों को उगाने वाले व्यक्ति से है. इसमें काश्तकार, कृषि श्रमिक, बंटाईदार, पट्टेदार, मुर्गीपालक, पशुपालक, मछुआरे, मधुमक्खी पालक, माली, चरवाहे आते हैं. रेशम के कीड़ों का पालन करने वाले, वर्मीकल्चर तथा कृषि-वानिकी जैसे विभिन्न कृषि-संबंधी व्यवसायों से जुड़े व्यक्ति भी किसान हैं.

देश में 14.5 करोड़ किसान परिवार हैं. जिनमें से 12 करोड़ लघु एवं सीमांत परिवार हैं. 2019-20 में खेती-किसानी के लिए कृषि मंत्रालय का 1,30,485 करोड़ रुपये का बजट है. इनके लिए मोदी सरकार की बड़ी योजनाएं. जिससे कोई भी किसान लाभ उठा सकता है.

(1) कृषि मशीनरी बैंक
खेती-किसानी में काम आने वाली मशीनों का बैंक बनाकर कृषि से जुड़ा कोई भी व्यक्ति अच्छा लाभ कमा सकता है. मशीन खरीदने में सरकार मदद देगी और आप उसे किराये पर चला सकेंगे. इसके तहत आप 60 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट पास करवा सकते हैं. इस पर 40 परसेंट यानी 24 लाख रुपये सरकार लगाएगी. कॉपरेटिव ग्रुप बनाकर भी आप मशीन बैंक तैयार कर सकते हैं.

ग्रुप में अधिकतम 10 लाख रुपये का प्रोजेक्ट पास होगा. यानी आपको 8 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है. इसका लाभ पाने के लिए अपने राज्य के कृषि विभाग के इंजीनियरिंग डिवीजन में संपर्क करना होगा. कृषि मंत्रालय के मुताबिक 2016 से 2019 के दौरान देश भर में किसानों को 29,54,484 मशीनों का वितरण किया गया.

(2)  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम
आजादी के बाद पहली बार किसी सरकार ने किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसा भेजने की शुरुआत की. देश के 14.5 करोड़ किसानों को सालाना छह-छह हजार रुपये खेती-किसानी के लिए मिलने जा रहे हैं. 87,000 करोड़ रुपये की बड़ी राशि सीधे किसानों के अकाउंट में जा रही है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत अब तक पौने छह करोड़ किसानों के अकाउंट में पहली और दूसरी किस्त का पैसा भेजा जा चुका है.

(3) फसल बीमा योजना
कृषि मंत्रालय के मुताबिक फसल बीमा योजना के तहत 2016 से अब तक देश भर में किसानों को 47,600 करोड़ रुपये के क्लेम का भुगतान किया गया. इसके तहत आप फसलों का बीमा करवाकर उसे सुरक्षित कर सकते हैं.

(4) राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना
अगर आप बड़े किसान या कृषि उत्पादों के व्यापारी हैं तो यह योजना आपके काम की है. सरकार ने अब तक देश की 585 मंडियों को ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना) के तहत जोड़ा है. ई-नाम एक इलेक्ट्रॉनिक कृषि पोर्टल है. जो पुरे भारत में मौजूद कृषि उत्पाद विपणन समितियों को एक नेटवर्क में जोड़ने का काम करती है. इसका मकसद एग्रीकल्चर प्रोडक्ट को एक बाजार उपलब्ध करवाना है.

(5) स्वायल हेल्थ कार्ड
खेती की सेहत कैसी है उसमें किस खाद की जरूरत है और किसकी नहीं, अगर किसान को यह बात पता चल जाए तो खादों का इस्तेमाल कम हो जाएगा. फसल अच्छी होगी. इसलिए मोदी सरकार ने स्वायल हेल्थ कार्ड की योजना शुरू की. 2015 से 2017 तक 10.73 करोड़ और 2017 से 2019 तक 10.69 करोड़ स्वायल हेल्थ कार्ड बांटे गए.

(6) जैविक खेती का प्रोत्साहन
रासायनिक खादों से पैदा होने वाले अनाज और साग-सब्जियों से लोगों की सेहत खराब हो रही है. इसलिए सरकार ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए परंपरागत कृषि विकास योजना शुरू की. इसके तहत जैविक खेती को इतना प्रोत्साहित किया जा रहा है कि इस क्षेत्र में अच्छा करने वाले किसानों को पद्मश्री से नवाजा गया. कृषि मंत्रालय के मुताबिक इस समय देश में 27.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती हो रही है.

(7) सबसे सस्ता लोन
अगर आप किसान हैं तो खेती-किसानी, पशुपालन और मछलीपालन के लिए सबसे सस्ता लोन मिलेगा. वैसे तो खेती-किसानी के लिए ब्याजदर 9 परसेंट है. लेकिन सरकार इसमें 2 परसेंट की सब्सिडी देती है. इस तरह यह 7 प्रतिशत पड़ता है. लेकिन समय पर लौटा देने पर 3 फीसदी और छूट मिल जाती है. इस तरह इसकी दर ईमानदार किसानों के लिए मात्र 4 फीसदी रह जाती है. कोई भी साहूकार इतनी सस्ती दर पर किसी को कर्ज नहीं दे सकता. खेती के लिए 3 लाख और मछलीपालन-पशुपालन के लिए 2 लाख रुपये तक का लोन मिल जाएगा.

(8) पीएम किसान पेंशन योजना
मोदी सरकार ने पीएम किसान पेंशन योजना के तहत किसानों को भी पेंशन देने का फैसला किया है. इसका फायदा पाने के लिए किसानों को हर महीने औसतन 100 रुपये का योगदान देना होगा. किसान की उम्र 60 साल पूरी होने पर उसे हर महीने 3,000 रुपये पेंशन मिलेगी.



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