फिर डायल 100 से वसूली की बात आई सामने
फतेहपुर। सवांद सूत्र डायल 100 पुलिस यानी सुरक्षा का भरोसा और इस भरोसे को बदनाम कर रही है खुद यूपी डायल 100 पुलिस। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट डायल 100 जो आम जनता को सुरक्षा देने के लिए शुरू की गई थी। पिछली सपा सरकार ने प्रदेश में कानून व्यवस्था सुदृण करने व जनता को सुरक्षा प्रदान करने के लिये "डायल 100" की शुरुआत की थी। सरकार ने इस योजना के तहत प्रत्येक 15 किमी की दूरी पर गाड़ियां संचालित करवाईं थी, ताकि सूचना मिलने के 10 मिनिट बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंच जाए। लेकिन ये सारे वादे हवा हवाई साबित तब हुआ जब "डायल 100" की गाड़ी सिपाही पूरनमल ने दो गुटों के आपसी समझौते के नाम पर रज्जन पुत्र बाबूलाल निवासी ग्राम मदनपुर पोस्ट उमरी से 2000 रुपया ले लिए और आगे चलते बने।
डायल 100 पुलिस शुरू होने के बाद उस पर अवैध वसूली के आरोप लगातार लगते रहे हैं और यह आरोप कभी-कभी सही साबित भी हुए हैं । सवांद सूत्रो से पता चला है की डायल 100 पुलिस लगभग सभी के साथ अवैध वसूली करती रहती है । यहां तक कि यदि कहीं पर कोई घटना घट जाए और डायल 100 पुलिस को बुलाया जाए तब भी लोगों ने यह आरोप डायल 100 पुलिस पर लगाए कि यह दोनों पार्टियों का राजीनामा करवाने में सबसे आगे रहती है और वह भी पैसा लेकर। अगर यदि कोई पार्टी डायल हंड्रेड को पैसा दे देती है तो वह तुरंत दूसरी पार्टी पर राजीनामा करने का दबाव बनाने लगती हैं यह डायल हंड्रेड पुलिस की हकीकत है।
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