मुल्क के अमन-चैन की दुआ, तालीम पर जोर
फतेहपुर : ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार अल्लाह की इबादत व कुर्बानी के बीच मनाया गया। शहर के ईदगाह में प्रात : साढ़े 8 बजे काजी-ए-शहर अब्दुल्लाह शहीदुल इस्लाम ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा कराकर अल्लाह से मुल्क की सलामती के लिए दुआ मांगी। नमाज अदा करने के पूर्व तकरीर में अल्लाह-तआला से मुल्क में आपसी भाईचारा व सौहार्द कायम करने के साथ विश्व में आंतकवाद का जड़ से खात्मा करने की दुआ मांगी। मुस्लिम समुदाय का आवाहन किया कि वह कारोबार के साथ अपने बच्चों को शिक्षा की तालीम अवश्य दिलाए।
प्रात: पौने 8 बजे से ही ईदगाह परिसर में नमाजियों का आना शुरू हो गया था। सोमवार निर्धारित समय साढ़े आठ बजे के पूर्व बिजली चले जाने पर जेनरेटर से बिजली आपूर्ति देकर नमाज शुरू हो सकी। नमाज के बाद डीएम संजीव सिंह व एसपी रमेश ने शहरकाजी ने लोगों से गले मिलकर ईद-उल-अजहा की बधाई दी। इस मौके पर नगरपालिका परिषद ईओ मीरा सिंह, तहसीलदार विद्वुषी सिंह, एलआईयू इंस्पेक्टर जगदीश कुमार गुप्ता, शहर कोतवाल सत्येंद्र सिंह, चेयरमैन प्रतिनिधि हाजी रजा, प्रदीप गर्ग, मो. आरिफ गुड्डा, तबरेज वारसी टीलू, मिस्बाहुल इस्लाम मिस्बा, मो. रेहान सदफ एडवोकेट आदि ने ईदुल अजहा पर्व की बधाई दी। उधर शहरकाजी कारी फरीदउद्दीन कादरी ने पनी स्थित मोचियानी वाली मस्जिद में प्रात : सवा 8 बजे ईदुल अजहा की नमाज अदा कर अल्लाह ताला से हिदुस्तान में अमन शांति की दुआएं मांगी। तकरीर में श्री कादरी ने कहा कि देश की सुरक्षा, समृद्धि तथा भाईचारा कायम करें। कहा कि हिदुस्तान मुल्क में हर धर्म के लोगों को अपने धर्म की शिक्षा व कारोबार करने के लिए संवैधानिक अधिकार है। शहर काजी श्री कादरी को एसडीएम सदर राहुल कश्यप व सीओ सिटी कपिलदेव मिश्र ने ईदुल अजहा की बधाई दी। इसी तरह सनगांव, सौंरा, गाजीपुर, बहुआ, ललौली, हसवा, असोथर, हुसेनगंज, अंदौली, बकंधा, अस्ती, पहाड़ीपुर स्थित मस्जिदों में पेश इमामों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा कराई।
शैतान पर इंसान की जीत है कुर्बानी
कुर्बानी शब्द कुर्ब यानि निकटता से बना है। जिसकी जितनी बड़ी कुर्बानी, उसका उतना बड़ा मुकाम है। इसलिए बकरीद त्यौहार पर मुस्लिम समुदाय ने बकरा व भेंड़ की कुर्बानी कर कुछ हिस्सा गोश्त गरीबों में वितरित किया। हालांकि मुस्लिम घरानों में मेहमान नवाजी में सेवईं, सूतफेनी, मटर, दही बरा, चाट जैसे लजीज व्यंजन भी परोसे गए। शहरकाजी अब्दुल्लाह शहीदुल इस्लाम व काजी-ए-शहर कारी फरीदउद्दीन कादरी कहते हैं कि हजरते इब्राहिम पैगम्बर के द्वारा अपने चहेते बेटे की अल्लाह के हुक्म से दी जाने वाली कुर्बानी की सुन्नत को जानवर जिबा करके अदा करते हैं। यह कुर्बानी शैतान पर इंसान की जीत का नाम है। मेले में बच्चों ने उठाया लुत्फ ईदगाह मैदान परिसर में लगे मेले का बच्चों ने खूब लुत्फ उठाया। दुकानदारों ने गुब्बारों के साथ बच्चों के खेलने कूदने के लिए झूला आदि लगा लिए थे और खानपान की सामग्री भी बेच रहे थे। अभिभावकों के साथ मेला देखने गए बच्चों अब्दुल हादी, अली खान, अमनस, अर्स, सिमैला, फिजा, आशी आदि ने बताया कि वह चाऊमीन व चाट खाकर अब खिलौने ले रहे हैं और खिलौनों में कार, हवाई जहाज व गुब्बारे ले लिए हैं।
कुर्बानी शब्द कुर्ब यानि निकटता से बना है। जिसकी जितनी बड़ी कुर्बानी, उसका उतना बड़ा मुकाम है। इसलिए बकरीद त्यौहार पर मुस्लिम समुदाय ने बकरा व भेंड़ की कुर्बानी कर कुछ हिस्सा गोश्त गरीबों में वितरित किया। हालांकि मुस्लिम घरानों में मेहमान नवाजी में सेवईं, सूतफेनी, मटर, दही बरा, चाट जैसे लजीज व्यंजन भी परोसे गए। शहरकाजी अब्दुल्लाह शहीदुल इस्लाम व काजी-ए-शहर कारी फरीदउद्दीन कादरी कहते हैं कि हजरते इब्राहिम पैगम्बर के द्वारा अपने चहेते बेटे की अल्लाह के हुक्म से दी जाने वाली कुर्बानी की सुन्नत को जानवर जिबा करके अदा करते हैं। यह कुर्बानी शैतान पर इंसान की जीत का नाम है। मेले में बच्चों ने उठाया लुत्फ ईदगाह मैदान परिसर में लगे मेले का बच्चों ने खूब लुत्फ उठाया। दुकानदारों ने गुब्बारों के साथ बच्चों के खेलने कूदने के लिए झूला आदि लगा लिए थे और खानपान की सामग्री भी बेच रहे थे। अभिभावकों के साथ मेला देखने गए बच्चों अब्दुल हादी, अली खान, अमनस, अर्स, सिमैला, फिजा, आशी आदि ने बताया कि वह चाऊमीन व चाट खाकर अब खिलौने ले रहे हैं और खिलौनों में कार, हवाई जहाज व गुब्बारे ले लिए हैं।

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