फतेहपुर: खराब रास्ते ने ले ली जच्चा-बच्चा की जान, ट्रैक्टर से अस्पताल ले जाने के पहले दम तोड़ा
फतेहपुर में शासन-प्रशासन के बेहतरी के लाख दावों के बाद भी धरातल पर हकीकत रोंगटे खड़ी करने वाली है। ग्रामीण इलाकों में हालात और भी बदतर हैं। ऐसा ही एक दर्दनाक वाकया सोमवार को जिले के विजयीपुर विकास खंड में सामने आया। जर्जर रास्ते व लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते एक जच्चा-बच्चा की मौत हो गई।
मामला गढ़ा ग्राम पंचायत के झुरहा गांव का है। मौत के बाद परिवार व्यवस्था को कोस रहा है। विजयीपुर ब्लाक क्षेत्र की गढ़ा ग्राम पंचायत के झुरहा गांव में किसान दयाराम रहते हैं। उनकी पत्नी श्यामकली गभर्वती थी। सुबह उन्हें प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों ने अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस मंगाने को फोन किया।
हरदासपुर गांव का रास्ता इतना खराब था कि एंबुलेंस आधी दूर आने के बाद आगे नहीं बढ़ पाई। उधर, देर तक इंतजार करने के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो प्रसव पीड़ा से कराह रही श्यामकली को उसके परिजन मजबूरन ट्रैक्टर से लादकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विजयीपुर के लिए निकले।
बेहद खराब रास्ते में झटके लगने के कारण गर्भवती की हालत और बिगड़ गई। उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जिससे परिजन रो-रोकर बेहाल हो गए। तमाम जद्दोजहद के बाद भी गर्भवती को सुरक्षित अस्पताल न पहुंचा पाने के कारण उसके परिजन विलाप करते रहे और सरकारी व्यवस्था को कोसते भी रहे।
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