आयुष्मान भारत योजना छलावा, चकरघिन्नी बने लोग

फतेहपुर। आयुष्मान भारत योजना उपभोक्ताओं के लिए छलावा बनी हुई है। कहीं उपभोक्ताओं को गोल्डन कार्ड के लिए भटकना पड़ रहा है तो कहीं सूची में अपना नाम जांच करने के लिए सीएमओ कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। लोगों की शिकायत है कि आशा बहू अभी तक शत प्रतिशत घरों में प्रधानमंत्री की चिट्ठी नहीं पहुंचा पाई हैं। वहीं, जानकारी करने पर पता चला कि अब तक 62 हजार तीन सौ लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। करीब 90 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बनने बाकी है।

भारत सरकार ने आयुष्मान योजना के अंतर्गत गरीबों को पांच लाख रुपये तक इलाज की सुविधा दी है। इसको लेकर लाभार्थियों के गोल्डेन कार्ड बनाने का काम चल रहा है। प्रधानमंत्री की चिठ्ठी न आने से लोगों को नहीं पता चल पा रहा कि उनका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं। प्रतिदिन लोग सीएमओ कार्यालय पहुंचकर पता करते हैं लेकिन सटीक जानकारी नहीं हो पा रही है। ‘अमर उजाला’ की टीम ने शनिवार को सीएमओ कार्यालय और जिला अस्पताल में इस बाबत जायजा लिया तो वहां लोग गोल्डेन कार्ड के लिए भटकते नजर आए। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना के लिए जिला पुरुष चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय और बिंदकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गोल्डेन कार्ड बनाने के लिए कार्यालय खोला गया। एक लाख 52 हजार प्रधानमंत्री की चिठ्ठी ब्लाक स्तर पर भेजी गई थी, जिसमें अब तक 62 हजार तीन सौ लाभार्थियों के गोल्डेन कार्ड बनाए जा चुके हैं। वहीं करीब 90 हजार लोगों के गोल्डेन कार्ड बनने शेष है।

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