उफनाई यमुना, संकट में 30 से अधिक गांव

खागा, बिदकी : तेजी से बढ़ रहे यमुना के जलस्तर से कटरी के 30 से अधिक गांवों में संकट मंडरा रहा है। यमुना में गिरने वाले नालों से बाढ़ का पानी उल्टा बहकर गांवों में भर रहा है। खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रही यमुना के उफान को देखते हुए सभी घाटों से छोटी-बड़ी नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। डीएम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

बीते दो दिनों से यमुना नदी का जल स्तर बेहद तेजी से बढ़ रहा है। नदी के उफान को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने छोटी-बड़ी नावों का संचालन पूरी तरह से बंद करा दिया गया। बांदा जनपद के गांवों से किशुनपुर कस्बा स्थित बाजार, बैंक, स्कूल-कालेज तथा अस्पताल आदि जगहों तक आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही ठप पड़ी हुई है। जिला प्रशासन ने स्टीमर का संचालन न शुरू होने से दोनों जनपदों के बीच संपर्क कट गया। महावतपुर असहट, सेंधरी, मझगवां, गढ़ीवा, मालिन डेरा, संगोलीपुर मड़ैयन, गढ़ा तथा नरौली आदि गांवों में यमुना की बाढ़ से ग्रामीणों के बीच दहशत व्याप्त है।
बाजार में सन्नाटा
किशुनपुर: बांदा जनपद से ग्राहकों की आवाजाही बंद होने से बाजार में दिन भर सन्नाटा रहता है। गल्ला आढ़ती सुशील शुक्ल, विजयपाल सिंह, रमेश आदि व्यापारियों की मानें तो प्रतिदिन बांदा जनपद से 200-250 ग्राहक किशुनपुर कस्बा स्थित बाजार तक आते थे। नदी में बाढ़ आने के बाद से ग्राहकों का आवागमन पूरी तरह से ठप पड़ा है। कस्बा स्थित रामलीला मैदान तक पानी आने से किनारे बसे मुहल्ले के लोगों में दहशत का माहौल है। एसओ कमलेश पाल ने बताया कि तहसील प्रशासन के निर्देश पर बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा गया है। ग्राम प्रधानों व चौकीदारों को सूचना के लिए सक्रिय किया गया है। अभी यमुना तटवर्ती गांवों में किसी प्रकार का खतरा नहीं है।

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