किसानों ने बिजली, पानी का उठाया मुद्दा
फतेहपुर। विकास भवन सभागार में मंगलवार को सिंचाई बंधु की बैठक हुई। इसमें सूख रही धान की फसलों की सिंचाई के लिए किसानों ने नहर में पानी और बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने का मुद्दा उठाया। उपाध्यक्ष हरवंश सिंह ने संबंधित अधिकारियों को रोस्टर के अनुसार बिजली, पानी देने के निर्देश दिए।
प्रगतिशील किसान जयदेव सिंह गौतम ने कहा कि सुजानपुर रजबहा से असोथर, कठौता, सरकंडी, मनावा, मटिया, पुरबुजुर्ग गांव के किसान सिंचाई करते हैं। इन गांवों में करीब पांच हजार हेक्टेयर धान की खेती होती है। बारिश न होने की वजह से नहर का पानी ही सिंचाई का सहारा है। रात में सिंचाई विभाग के कर्मचारी रजबहा के गेट हो बंद कर देते हैं। ऐसे में किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा है। निचली गंगा नहर में पानी पहुंचाने के लिए मानक के अनुसार सिल्ट सफाई कराई जाए। गेट बंद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। टेल तक पानी पहुंचने की खानापूरी करने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी नहर की शाखाओं का गेट बंद कराते हैं। इससे फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। प्रगतिशील किसान जयदेव सिंह ने कहा कि क्षेत्र के जरौली, नरैनी, थरियांव फीडर के किसान नलकूपों के सहारे खेती करते हैं। लो-वोल्टेज की वजह से किसानों के नलकूप नहीं चल रहे हैं। 33 केवीए हाईटेंशन लाइन में 11 केवीए हाईटेंशन लाइन का तार लगा हुआ है। बिजली आपूर्ति होते ही कहीं न कहीं तार टूट जाता है। इससे किसानों को सही ढंग से बिजली सप्लाई नहीं मिल पाती है।
प्रगतिशील किसान रणविजय सिंह ने कहा कि निचली गंगा नहर से कौशांबी जिले तक के किसान सिंचाई करते हैं। असोथर में 400 क्यूसेक जरौली पंप कैनाल व 400 क्यूसेक निचली गंगा नहर का पानी होना चाहिए। तब टेल तक पानी पहुंचेगा। निचली गंगा नहर का पानी बहुआ के आगे नहीं आता है और जरौली पंप कैनाल से 200 क्यूसेक के आसपास पानी आता है। ऐसे में टेल के किसानों को पानी मिलना संभव नहीं है। इस मौके पर प्रगतिशील किसान लोकनाथ पांडेय, अनिल राज गुप्ता, जेडी वर्मा, जरौली पंप कैनाल सहायक अभियंता वीके श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता निचली गंगा नहर जेपी वर्मा भी मौजूद रहे।
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