खनन अधिकारी को कभी भी बुला सकती है सीबीआई
फतेहपुर। महीने भर पहले जिले में तैनाती पाने वाले खनन अधिकारी को सीबीआई जल्द ही पूछताछ के लिए बुला सकती है। माना जा रहा है कि उनका तत्कालीन खनन पट्टों से कोई लेना देना नहीं है। विभागीय कार्रवाई और पत्रावलियों से संबंधित लंबी पूछताछ हो सकती है।
जिले में वर्ष 2012 से 2016 के बीच मानकों को ताक पर रखकर यमुना मौरंग खदानों के पट्टे किए गए थे। मौरंग माफिया ने अवैध खनन से अरबों की संपत्तियां जुटाई हैं। मामले की जांच को लेकर कई बार सीबीआई जिले में आ चुकी है। एक माह पहले सीबीआई पत्रावलियां जुटाने आई थी। उसके बाद भी खनन विभाग से लगातार सूचनाएं मांगी जा रही है। पट्टाधारकों से जुड़े कई अभिलेख शुक्रवार को मांगे गए हैं। सीबीआई जांच में सुखराज निषाद और शिवकुमार के पट्टे पकड़ में आए हैं। इन पट्टों में बड़ा गोलमाल हुआ है, जिसमें विभाग के तत्कालीन अधिकारी व कर्मचारी भी जांच के दायरे में आ रहे हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने खनन अधिकारी मिथिलेश पांडेय को इस बारे में संकेत दिए हैं कि उन्हें कभी भी बुलाया जा सकता है। मालूम हो कि वह एक माह पहले चित्रकूट से तबादला होकर यहां आए हैं। खनन अधिकारी ने बताया कि सीबीआई के मांगी जाने वाली सूचनाएं दी जा रही हैं। सीबीआई का लिखित आदेश आने पर पेश होने भी जाएंगे।
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