फतेहपुर में बारिश और बाढ़ से तिल की खेती बर्बाद
फतेहपुर : किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि विभाग की ओर से किए गए प्रयोग को झटका लगा है। बारिश और बाढ़ ने तिल की खेती पूरी तरह बर्बाद कर दी है। इससे कटरी क्षेत्र से तीन सौ गांवों के किसान सीधे तौर पर प्रभावित हैं, जिन्होंने तकरीबन 12 हजार हेक्टेयर में तिल का आच्छादन किया था। भाकियू समेत अन्य किसान प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
जिले के चार ब्लॉकों में स्थित कटरी क्षेत्र के तीन सौ गांवों के हालात बुंदेलखंड जैसे हैं, क्षेत्र में एक लाख हेक्टेयर जमीन ऐसी है, जहां सिंचाई के कोई साधन नहीं हैं। ऐसे में कृषि विभाग ने यहां तिल की ख्ेाती पर जोर दिया था। इसके तहत 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में तिल की खेती कराई गई थी। किसानों को बिना लागत अच्छी आय की उम्मीद थी, लेकिन बारिश और बाढ़ ने इस उम्मीद पर पानी फेर दिया। अगस्त माह के दूसरे पखवारे में हुई बारिश से आई बाढ़ ने अमौली, खजुहा, असोथर, बहुआ व विजयीपुर ब्लॉक की आधे से ज्यादा तिल की फसल पूरी तरह बर्बाद कर दी। अब किसान परिवार का पेट पालने के लिए मजदूरी करने को मजबूर हैं।
राजस्व विभाग करेगा सर्वे
- यमुना, रिद व नोन नदी की बाढ़ से कटरी क्षेत्र के गांवों में तिल की खेती को भारी नुकसान हुआ है। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारी को सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। जिन किसानों का नुकसान हुआ है उनको मुआवजा दिलाने के लिए शासन को लिखा जाएगा।
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कटरी में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए बड़े पैमाने पर तिल की खेती कराई गई थी। बाढ़ व बारिश की वजह से फसल नष्ट हो गई है। किसानों को यह सलाह दी जा रही है कि तिल की बोआई फिर से कर दें, ताकि अक्टूबर तक फसल तैयार हो जाए। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से अनुदान पर तिल मुहैया कराया जाएगा।
बृजेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी, फतेहपुर
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